राष्ट्रीय

एक बार फिर चर्चा में आया ‘बिसाहड़ा’, अकलाख हत्‍याकांड़ से जुड़ी यादें फिर होंगी ताजा, जानिए क्‍या है पूरा मामला ?

'Bisahara' once again in the news, memories related to Aklakh massacre will be fresh again, know what is the whole matter?

Panchayat 24 : पिछले एक दशक में बिसाहड़ा गांव समाचार पत्रों टीवी चैनलों की सुर्खियों का केन्‍द्र बनता रहा है। बिसाहड़ा कांड़ को लेकर देख की राजनीति लंबे समय तक गरमाई रही थी। इतना ही नहीं बिसाहड़ा कांड़ को मुद्दा बनाकर भारत विरोधी ताकतों ने अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मंचों पर उठाया था। लोकसभा चुनाव के दौरान एक बार फिर बिसाहड़ा चर्चा में आ गया है। इस घटना से बिसाहड़ा कांड़ की यादें और इस अकलाख हत्‍याकांड़ से जुड़े पहलु एक बार फिर लोगों के सामने आएंगी।

क्‍या है पूरा मामला ?

दरअसल, बिसाहड़ कांड़ पर आधारित एक ‘बिसाहड़ा’ नाम से एक फिल्‍म बनाई जा रही है। फिल्‍म की शूटिंग पूरी हो चुकी है। आज (24 मार्च) फिल्‍म का पोस्‍टर लांच किया जा रहा है। 2 मई को फिल्‍म का टीजर भी लांच किया जाएगा। फिल्‍म का निर्माण जानी फायर फॉक्‍स फिल्‍म्स के बैनर तले शूट हुई  है। फिल्‍क के प्रोडयूसर अमित जान हैं। उन्‍होंने ही इस फिल्‍म को लिखा है। फिल्‍म का निर्माण जयंतस सिन्‍हा और भारत सिंह के निर्देशन में किया जा रहा है। बता दे कि जानी फायर फॉक्‍स द्वारा उदयपुर के दर्जी कन्‍हैयालाल हत्‍याकाड़ पर ‘ अ टेलर मर्डर स्‍टोरी’ और पाकिस्‍तान से ग्रेटर नोएडा आई सीमा हैदर प्रकरण पर ‘कराची टू नोएडा’ फिल्‍मों को शूट किया जा रहा है। यह फिल्‍में जल्‍द ही देश भर के सिनेमा घरों पर रिलीज होगी।

बिसाहड़ा फिल्‍म का पोस्‍ट।

फिल्‍म के प्रोडयूसर एवं लेखक अमित जोनी ने बताया कि फिल्‍म में इस हत्‍याकांड़ के सभी पहलूओं पर प्रकाश डाला गया है। फिल्‍म में कई ऐसे पहलूओं को भी दिखाया गया है जो अभी तक अनछुए रह गए थे। इस फिल्‍म का निर्माण करने के पीछे घटना की सत्‍यतता को लोगों के सामने लाना है। अमित जोनी ने बताया कि देश के अल्‍पसंख्‍यक वर्ग की मांग के बाद बिसाहड़ा कांड पर फिल्‍म बनाने का फैसला लिया गया था। अमित जॉनी ने बिसाहड़ा का पोस्‍टर जारी करते हुए  बताया कि हम इसी जोनर की फिल्‍मों का निर्माण करेंगे ताकि सच को सिनेमेटिक तरीके से दिखाया जा सके।

कन्‍हैयालाल हत्‍याकांड़ और सीमा हैदर पर फिल्‍म बनाए जाने के बाद कुछ लोगों द्वारा लगातार कहा जा रहा था कि एक पक्ष को लेकर फिल्‍में बनाई जा रही है। बिसाहड़ा हत्‍याकांड़ पहला मामला था जिसके चलते बहुसंख्‍यक बनाम अल्‍पसंख्‍यक को लेकर पूरे देश में बवाल मचा था। हमने तय किया कि बिसाहड़ा कांड पर फिल्‍म बनाई जाए। फिल्‍म बनाने के पीछे किसी तरह का दुर्भाव नहीं है। केवल फिल्‍म के माध्‍यम से घटना से जुड़े पहलुओं और सत्‍यता को दिखाना ही उद्देश्‍य है।

—— अमित जोनी

क्‍या है बिसाहड़ा कांड़ ?

दरअसल, पूरी घटना साल 2015 की है। सितंबर महीने में ईद का त्‍यौहार पूरा देश मना रहा था। दादरी क्षेत्र का बिसाहड़ा गांव भी अपनी बरसों पुरानी परंपरा के अनुसार आपस में प्रेम एवं भाईचारे के साथ ईद मनाई गई थी। ईद के दो दिन बाद अचानक गांव का माहैल बदल गया। दरअसल, 27 सितंबर को बिसाहड़ा गांव में एक अफवाह फैल गई कि गांव के ही इकलाख के घर में गाय काटकर मांस पकाया गया है। इसकी वजह थी कि कुछ युवकों ने अकलाख को मांस के कुछ टुकड़े एक स्‍थान पर फेंकते हुए देखा था। घटना गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्‍या में भीड़ एक स्‍थान पर एकत्रित हो गई। भीड़ ने अकलाख के घर पर हमला कर दिया। इस दौरान अकलाख सहित उसकी मां, पत्‍नी, बेटी और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने अकलाख और उसके बेटे को गंभीर रूप से उपचार के लिए अस्‍पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान अकलाख की मौत हो गई।

देश ने पहली बार मॉबलिंचिंग शब्‍द का पहली बार राजनीतिक प्रयोग हुआ

इस घटना को शरारती एवं असामाजिक तत्‍वों द्वारा अंजाम दिया गया। पुलिस एवं प्रशासन ने तत्‍परता से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। लेकिन तब तक यह घटना साम्‍प्रदायिक रूप ले चुकी थी। राजनीतिक दलों ने इस हत्‍याकांड़ को अपने अपने तरीके से परिभाषित किया। कई नेताओं ने बिसाहड़ा पहुंचकर अकलाख के परिवार से मुलाकात की। इस घटना की आड़ में पूरे देश में एक जिरह छिड़ गई कि अल्‍पसंख्‍यक देश में असुरक्षित हैं। राजनीति से प्रेरित होकर कुछ नेताओं ने इस घटना को संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ में उठाने का बयान दिया। देश का बुद्धिजीवी वर्ग इस घटना पर बंट गया। इस तरह की घटना में पहली बार देश में मॉबलिंचिंग शब्‍द का राजनीतिक तौर पर प्रयोग किया गया। बॉलीवुड़ से लेकर साहित्‍य जगत से जुड़े लोगों ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। अवार्ड वापसी का एक अभियान पूरे देश में छिड़ गया था। भारत विरोधी ताकतों ने बिसाहड़ा हत्‍याकांड़ को लेकर दुष्‍प्रचार किया। वहीं, आतंकवादी संगठनों ने भी इस घटना को लेकर देश को धमकियां तक दी थी।

Related Articles

Back to top button