गाजियाबद का नाम बदलने का प्रस्ताव तैयार ! पूर्व में भी नाम बदले जाने की उठी है मांग, जानिए क्या होगा नया नाम ?
Proposal to change the name of Ghaziabad is ready! Demand for changing the name has been raised in the past as well, know what will be the new name?

Panchayat 24 : उत्तर प्रदेश में शहरों के नाम बदले जाने के क्रम में दिल्ली एनसीआर के एक अहम शहर गाजियाबाद का नाम भी जल्द शामिल हो सकता है। गाजियाबाद नगर निगम प्रशासन के आला अधिकारियों ने इस पर काफी विचार विमर्श के बाद एक नाम का चुनाव किया है। नगर निगम बोर्ड ने इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पास किया था। अब इस नाम को शासन को भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद गाजियाबाद नए नाम से जाना जाएगा।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, गायिजाबाद नगर निगम बोर्ड ने गाजियाबाद का नाम बदलने जाने को लेकर एक प्रस्ताव पास किया था। नए शहर के लिए तीन नामों का चुनाव किया गया था। इनमें से ही एक विकल्प को चुना जाना था। यह तीन नाम थे गजप्रस्थ, दूधेश्वरनगर और हरनंदीपुरम। गाजियाबाद प्रशासन ने इनमें से गजप्रस्थ नाम का चयन किया है किया है। गाजियाबाद के जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह इस संबंध में कहते हैं कि गाजियाबाद के स्थान पर शहर का नाम गजप्रस्थ रखे के लिए प्रस्ताव को शासन को भेजा जाना है। प्रस्ताव शासन को भेजने से पूर्व इसके पक्ष में इससे जुड़े साक्ष्यों को एकत्रित किया जाएगा। साक्ष्य एकत्रिकरण से गजप्रस्थ का अतीत प्रमाणिक हो जाएगा। इससे शासन स्तर पर कोई परेशानी भी नहीं होगी।
महाभारत से जुड़ा है गजप्रस्थ
गायिजाबाद प्रशासन की ओर से गाजियाबाद के स्थान पर शहर का नया नाम जिस गजप्रस्थ किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया है, वह महाभारतकालीन द्वापर युग से जुड़ा है है। दरअसल, पांडव जुआ में कौरवों के हाथों अपनी नई राजधानी इन्द्रप्रस्थ (वर्तमान में दिल्ली) और राजपाठ हार गए थे। इसके बाद उन्हें चौदह साल का वनवास और एक साल का अज्ञातवास काटना पड़ा था इसके बाद भी दुर्योधन ने पांडवों को उनका राजपाट नहीं लौटाया था। जब हालात युद्ध के बन गए थे तो शांतिदूत के रूप में भगवान श्रीकृष्ण हस्तिनापुर गए थे। उन्होंने कौरवों की सभा में शांति प्रस्ताव रखते हुए कौरवों से पांडवों के लिए पांच गांव मांगे थे। दुर्योधन ने इन्हें देने से इंकार कर दिया था। यह पांच गांव थे इन्द्रप्रस्थ (आज की दिल्ली), व्याघ्रप्रस्थ (आज का बागपत), स्वर्णप्रस्थ (आज का सोनीपत), पांडुप्रस्थ (आज का पानीपत) और तिलप्रस्थ ( आज का फरीदाबाद अर्थात तिलपत)। आज का गाजियाबाद उस समय गजप्रस्थ के नाम से जाना जाता था। यह इन्द्रप्रस्थ का हिस्सा था। यहां पर हाथियों को रखा जाता था, इस लिए इसका नाम गजप्रस्थ पड़ा।
मुगलशासन की शासन की देन है शहर का नाम गाजियाबाद
इतिहासकारों की माने तो गाजियाबाद का नाम मुगलकालीन शासन में पड़ा था। मुगल वजीर गाजीउद्दीन के नाम पर शहर का शहर को गाजीउद्दीन नगर नाम दिया गया था। यह शहर मुगलकाल में चार दरवाजों के अंदर बसाया गया था। अंग्रेजों के शासनकाल में गाजीउद्दीन नगर को बदलकर गाजियाबाद कर दिया गया। बता दें कि गाजियाबाद आजादी के बाद मेरठ जिले की एक तहसील थी। बाद में 14 नवंबर 1976 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने इसको जिला घोषित कर दिया।
पूर्व में गाजियाबाद के स्थान पर कई नामों की हुई है मांग
गाजियाबद का नाम बदले जाने की मांग कई बाद उठती रही है। गाजियाबाद के स्थान पर ऐतिहासिक दूधेश्वरनाथ मंदिर के नाम पर दूधेश्वरनाथ नगर रखने की भी मांग उठी थी। वहीं, पश्चिम उत्तर प्रदेश से होकर बहने वाली हिन्डन नदी, जिसका पौराणिक नाम हरनन्दी है, के नाम पर हरनन्दीपुरम रखने की भी मांग उठी थी। हिन्डन नदी बागपता से गाजियाबाद में प्रवेश करती है और पड़ोस के जिला गौतम बुद्ध नगर में यमुना नदी में मिल जाती है।
भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी कही थी गायिजाबाद का नाम बदलने की बात
महान क्रांतिकारी भगवती चरण वोहरा की पत्नी दुर्गा भाभी भी एक महान महिला क्रांतिकारी थी। उनकी मृत्यु 15 अक्टूबर 1999 में गाजियाबाद में हुई थी। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गायिजाबाद पहुंचे थे। उन्होंने ही दुर्गा भाभी के नाम पर गाजियाबाद का नाम बदलकर दुर्गा भाभी नगर करने की बात कही थी। बता दे कि दुर्गा भाभी ने कई बार क्रांतिकारियों की मदद की थी। कई बार उन्होंने अपने वस्त्रों में छिपाकर हथियार भी क्रांतिकारियों तक पहुंंचाए थे। महान क्रांतिकारी भगतसिंह को जब पुलिस तलाश कर रही थी तो दुर्गा भाभी ने ही उन्हें कलकत्ता मेल में उनके साथ यात्रा की थी और अंग्रेजों की आंखों में धूल झौंककर उन्हें बचाया था।
इन जिलों का नाम बदलने की भी उठ रही है मांग
उत्तर प्रदेश में कई जिलों का नाम बदला जा चुका है। वहीं, कई शहरों का नाम बदले जाने की भी मांग उठ रही है। इनमें आजमगढ़ का नाम बदलकर आर्यगढ़, मैनपुरी के स्था पर मयनपुरी, संभल का नाम बदलकर कल्किनगर, देवबंद का नाम बदलकर देववृंदपुर, आगरा को अग्रवन और अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ किए जाने की मांग जोरों से उठ रही है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जिन प्रमुख शहरों का नाम बदला है उनमें इलाहबाद के स्थान पर प्रयागराज और फैजाबाद के स्थान पर अयोध्या का नाम प्रमुख है।